रिपोन दास और उनका परिवार खतरे में – बांगलादेश में हिंदुओं पर भीषण अत्याचार का एक और मामला

रिपोन दास और झूमन दास पर बीबीसी या वाशिंगटन पोस्ट में कोई आलेख नहीं आएगा, न ही कोई जुलूस, प्रदर्शन होगा भारत में

डेस्क- बांगलादेश में हिंदुओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिपोन दास और उनका परिवार ऐसी ही त्रासदी झेल रहा है।

रिपोन दास का जुर्म बस इतना है कि उन्होंने हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के कुछ मामलों को उजागर किया था। बस इतना ही काफी था उन्हें निशाना बनाने के लिए।

बांगलादेश में हिंदुओं पर आक्रमण, हमलों और झूठे मामलों में फँसाने के मामले लगभग रोजाना होते हैं, बस केवल कुछ ही मामले सामने आते हैं। वह भी सोशल मीडिया के जरिए। मेनस्ट्रीम मीडिया, चाहे वह विश्वस्तरीय न्यूज चैनेल रायटर्स से लेकर एएफपी हों, या फिर बांगलादेश के अखबार या फिर भारत के बड़े अखबार, कोई इनका जिक्र करने की जहमत नहीं उठाता। हिंदुओं पर अत्याचार उनके जर्नलिज्म के कोर्स में शायद शामिल नहीं था।

मानुषी इंडिया की मधु किश्वर के यूट्यूब चैनेल द्वारा साझा किया गया वीडियो।

मानुषी इंडिया की संस्थापिका मधु किश्वर ने यूट्यूब पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें रिपोन दास अपनी व्यथा सुना रहे हैं और साथ ही अपने पूरे परिवार पर मंडरा रहे खतरे के बारे में बता रहे हैं।

मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे उनकी एवं उनके परिवार की मदद करें।

दो दिन पहले मधु पूर्णिमा किश्वर ने अपने ट्विटर हैंडल से रिपोन दास की त्रासदीपूर्ण कथा बयान की थी। उन्होंने बताया था कि 20 अक्तूबर को रिपोन दास ने बांगलादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की ग्राउंड रिपोर्ट दी थी और अब इसके लिए उन्हें और उनके परिवार को टार्गेट किया जा रहा है।

उन्होंने उसी ट्विट में बांगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के नाम का हैशटैग लगाते हुए कहा था कि भारत ने बांगलादेश बनाने में सहयोग के बदले में ऐसे पुरस्कार की आशा नहीं की थी।

दूसरे ट्विट में उन्होंने भारत के गृहमंत्री को टैग करते हुए लिखा कि यदि बांगलादेश हिंदुओं के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करने को इच्छुक नहीं है तो पूरे विश्व में खतरे का सामना कर रहे किसी भी हिंदू को स्वाभाविक रूप से भारत में संरक्षण देने के लिए कानून बनाने का समय आ गया है।

रिपोन दास का मामला अकेला नहीं है। इसी तरह का मामला झूमन दास का भी है, जिन्हें 1 सितंबर, 2022 को दोबारा फेसबुक पर एक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

उन पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने का आरोप दोबारा लगाया गया है।

आश्चर्य की बात है कि न्यूएज बांगलादेश की रिपोर्ट यही कहती है कि उन्होंने इससे पहले मार्च 15 को अपने फेसबुक पोस्ट में केवल इतना लिखा था कि सुनामगंज के दिराई उपजिला में हो रही हिफाजत ए इस्लाम की रैली में मनुनुल हक के संबोधन से सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ सकता है।

बस इतना ही।

newagebd screenshot
newagebd screenshot

उनका यह पोस्ट हिफाजत ए इस्लामी के समर्थकों में कथित रूप से वाइरल हो गया और शल्ला पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।

फिर, मार्च 17 को हिफाजत के समर्थकों ने शल्ला के नोआगांव ग्राम में ‘कुछ’ हिंदू घरों पर हमले किये। और फिर साथ ही 90 घरों में तोड़फोड़ भी की। फिर शल्ला एवं दिराई की पुलिस ने मामला अपने नियंत्रण में लिया।

यह सब कुछ लिखा है न्यूएज की रिपोर्ट में।

वे 28 सितंबर 2021 को रिहा हुए थे।

फिर से 1 सितंबर, 2022 को एक दूसरे पोस्ट के लिए गिरफ्तार कर लिये गये।

झूमन दास आज भी जेल में हैं।

एक फेसबुक पोस्ट में सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ने की चिंता व्यक्त करने के लिए।

सउदी ब्लॉगर रैफ बदावी की कहानी पूरी दुनिया ने सुनी और उनकी रिहाई के लिए प्रयत्न किया।

लेकिन, झूमन दास और रिपोन दास हिंदू हैं।

हिंदुओं की प्रताड़ना एक सामान्य बात है, जो दुनिया में किसी को चौंकाती नहीं है।

स्वयं हिंदुओं को भी नहीं।

बांगलादेश और पाकिस्तान तो छोड़िए, भारत में भी नहीं

कौन करेगा बांगलादेशी और पाकिस्तानी हिंदुओं की मदद?

भारत के हिंदू तो स्वयं नहीं समझ पा रहे हैं कि उनकी मदद अब कौन करेगा।

यह भी पढ़ें

परव-परधनमतर-इमरन-खन-क-बदलत-बयन-पर-अमरक-क-परतकरय

पाक के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बदले बयान पर अमेरिका...

0
वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ दीर्घकालिक संबंध चाहता है, हमारे ऊपर लगाए गए...
पकसतन-दनय-क-सरवशरषठ-टम-म-स-एक-ह-कव-गदबज

पाकिस्तान दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है: कीवी गेंदबाज

0
न्यूजीलैंड के गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन ने कहा है कि पाकिस्तान दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। सेमीफाइनल से पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड...

अभिमत

6-दसबर-1992,-वह-दन-जस-दन-स-बदल-गय-थ-हनद-सहतय-पर-तरह,-बहन-लग-थ-वकत-वमरश-क-कवतए

6 दिसंबर 1992, वह दिन जिस दिन से बदल गया था...

0
सोनाली मिश्रा 6 दिसंबर 1992, एक ऐसा दिन, जिसने भारत की राजनीति की दिशा बदल कर रख दी थी। एक ऐसा दिन, जिसे लेकर राजनीति...
भगलपर-म-नलम-यदव-पर-शकल-क-हमल:-कट-हथ,-सतन-और-कन,-नलम-यदव-क-मतय

भागलपुर में नीलम यादव पर शकील का हमला: काटे हाथ, स्तन...

0
सोनाली मिश्रा बिहार में एक ऐसी घटना सामने आई है, जो सभी का दिल दहला देने केलिए पर्याप्त है। पहले लोगों को लगता था कि...

लोग पढ़ रहे हैं

The greatness of our MOTHERLAND

0
Swami Vivekananda If there is any land on this earth that can lay claim to be the blessed Punyabhumi (holy land), to be the land...
why-does-a-film-like-kantara-become-a-hit-and-why-can’t-bollywood-make-such-films?

Why does a film like Kantara become a hit and why...

0
Kantara is a Kannada film. However, its dubbed Hindi version has also been received well by the audience in North and East India. What...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी पढ़ें

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत

हमारा न्यूजलेटर सब्सक्राइब करें और अद्यतन समाचारों तथा विश्लेषण से अवगत रहें!

Town Post

FREE
VIEW