जमशेदपुर में बाढ़: बारिश फिर शुरू, स्थिति और बिगड़ने की आशंका

एनडीआरएफ की टीम मुस्तैद, दोनों जिलों के करीब 4000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जमशेदपुर शहर के करीब 2000 घरों में बाढ़ का पानी

जमशेदपुर: लगभग 10 घंटों तक बारिश बंद रहने की वजह से बाढ़ और जलजमाव से परेशान लोगों को आशा थी कि स्थिति कुछ घंटों में सुधर सकती है। लेकिन, रविकार को तकरीबन 2 बजे से बारिश फिर से शुरू हो गयी और प्रभावित लोगों व प्रशासन दोनों के लिए चिंता का कारण बन गयी।

शुक्रवार से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में हुए मूसलाधार बारिश के बाद शहर की दोनों प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकई पूरे शबाब पर है। दोनों नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

Also Read:  बागबेड़ा बड़ौदा घाट में 15-वर्षीय किशोर खरकई नदी में डूबा

लगभग 14 साल बाद शहरवासियों ने दोनों नदियों के रौद्र रूप का दर्शन किया।

शनिवार रात भर तटीय इलाकों के लोग सड़कों और शेल्टर होम में रहने को मजबूर रहे।

Jamshedpur flood
कई इलाकों में पानी अब भी मौजूद है। स्थिति और बिगड़ सकती है यदि वर्षा बंद न हुई तो।

हालांकि रविवार को मौसम साफ जरूर हुआ है, मगर अपने पीछे तबाही का वह मंजर छोड़ गया है, जिससे निपटने में हफ्तों लग सकता है।

धीरे-धीरे दोनों नदियों के जलस्तर में मामूली गिरावट हो रही है।

अभी भी कई मुहल्ले और तटीय इलाके डूबे हुए हैं। लोग नफा-नुकसान का आकलन कर रहे हैं। राजनीति भी चरम पर है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में युद्ध स्तर पर जुटा हुआ है।

Also Read:  उपायुक्त के नेतृत्व में मानगो में सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाया गया

एनडीआरएफ की टीम मुस्तैद है। अबतक दोनों जिलों के करीब 4000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। जमशेदपुर शहर के करीब 2000 घरों में बाढ़ का पानी घुसा है।

उधर, इचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव अभी भी डूबे हुए हैं। लोग अपने- अपने घरों में कैद हैं।

राहत और बचाव कार्य में प्रशासन को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में अहम सवाल यह उठता है, कि आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

किसने रोका नदियों का रास्ता?

बहरहाल अभी इस पर कुछ भी कहना अनुपयुक्त होगा, मगर इस पर गहन मंथन करना अनिवार्य है।

Also Read:  10 नंबर बस्ती में देशी कट्टे के साथ 8 गिरफ्तार, हुक्का और शराब भी बरामद
बारिश फिर से शुरू होने से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका।

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी पढ़ें

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत

हमारा न्यूजलेटर सब्सक्राइब करें और अद्यतन समाचारों तथा विश्लेषण से अवगत रहें!

Town Post

FREE
VIEW