शहीद ठाकुर जी पाठक की पुण्यतिथि पर वृक्षारोपण, जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरित

ठाकुर जी पाठक को 1989 में जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। ठाकुर जी एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व थे जिन्होंने हमेशा गरीब लोगों, किसानों की मदद की।

जमशेदपुर: आज 19 मार्च को शहीद ठाकुरजी पाठक वेलफेयर सोसाइटी के तरफ से शहीद ठाकुर जी पाठक की पुण्यातिथि मनायी गयी।सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाठक और रास्ट्रीय सचिव चंद्र प्रकाश पाठक ने इस मौके पर वृक्षारोपण किया। जमशेदपुर के कई स्थानों पर सोसाइटी की ओर से राहत सामग्रियों व वस्त्रों आदि का वितरण किया गया।

इन राहत सामग्रियों को बिस्टुपुर, साकची, स्टेशन रोड आदि क्षेत्रों में जरूरतमंदों के बीच वितरित किया गया।

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इसमें प्रह्लाद पाठक, अभिनव गोस्वामी, अंकित सकुजा, अभिषेक श्रीवास्तव, विवेक पांडेय, एकता, सौरव गोस्वामी एवं रोहित सिंह ने अहम भूमिका निभायी।

ठाकुर जी पाठक प्रसिद्ध व्यक्तित्व थे जो एक सामाजिक कार्यकर्ता थे जिन्होंने हमेशा गरीबों और किसानों की मदद की और हमेशा जमशेदपुर के जरूरतमंदों की सहायता करते रहे।

वे पूर्व पीएम स्वर्गीय चंद्रशेखर के करीबी माने जाते थे। उन्होंने लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

tree plantation thakur ji pathak trust
वृक्षारोपण.

शहीद ठाकुर जी पाठक (1968 – 1994) एक सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे। वे जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव थे। 1994 में, ठाकुर जी पाठक की कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हत्या कर दी गई थी। ठाकुर जी पाठक का जन्म केदारनाथ पाठक के घर हुआ था।

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वे अपने परिवार में तीन बच्चों में सबसे छोटे थे। वे हमेशा सक्रिय थे और बहुत कम उम्र से ही भारत के राजनीतिक परिदृश् में रुचि रखते थे।

ठाकुरजी 1980 के दशक की शुरुआत में अपने निर्वाचन क्षेत्र के गरीब लोगों की मांगों को पूरा करने के लिए जनता दल में शामिल हो गए। वे महिलाओं के अधिकारों के एक सक्रिय समर्थक थे और पार्टी के उनके साथी सहयोगियों द्वारा उन्हें याद किया जाता था।

ठाकुर जी पाठक को 1989 में जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। ठाकुर जी एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व थे जिन्होंने हमेशा गरीब लोगों, किसानों की मदद की।

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19 मार्च 1994 को, जमशेदपुर न्यायालय के सामने कुछ असामाजिक तत्वों ने ठाकुर जी पाठक को गोली मार दी थी।

उनकी हत्या की घटना के बाद, उनके अनुयायियों ने उनका नाम “शहीद ठाकुर जी पाठक” रखा।

ठाकुर जी पाठक की याद में 1995 में “ठाकुर जी पाठक वेलफेयर सोसाइटी” की स्थापना की गई थी। यह संगठन सक्रिय रूप से जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करता है।

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